1937 का आयुर्वेदिक High Creatinine का इलाज | जाने कैसे किडनी हो सकती है जीवित

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किडनी ट्रांसप्लांट चोर से सावधान, आपकी अपनी ही किडनी हो सकती है जीवित किडनी फेल्योर के संकेत हमारे शरीर में किडनी संतुलन बनाए रखने के कई कार्यों का निष्पादन करती है। वह अपशिष्ट उत्पादों को फिल्टर करके यूरिन से बाहर निकालती है। वह शरीर में पानी की मात्रा, सोडियम, पोटेशियम और कैल्शियम की मात्रा को संतुलित करती है। किडनी अतिरिक्त अम्ल और क्षार को निकालने में मदद करती है, जिससे शरीर में एसिड और क्षार का संतुलन बना रहता। साथ ही शरीर में किडनी का मुख्य कार्य रक्त का शुद्धिकरण करना भी है। अगर बीमारी के कारण दोनों किडनी अपना सामान्य कार्य नहीं कर सके, तो किडनी की कार्य क्षमता कम हो जाती है। जिसे किडनी फेल्योर कहा जाता है। किडनी फेल्योर के संकेत: • यूरिन का कम या ज्यादा आना • यूरिन पास करते समय जलन या दर्द होना • यूरिन में रक्त आना • थकान और कमजोरी महसूस होना • चकत्ते और उल्टी आना • सांस लेने में दिक्कत होना • अधिक ठंड लगना • नींद न आना किडनी फेल्योर के समय से उसे पहचानना बेहद जरूरी होता है। इस रोग की पहचान में देरी होने पर यह घातक रूप ले लेता है। अन्य किसी भी प्रकार की समस्या से बचे रहने के लिए डॉक्टर पुनीत धवन से संपर्क करें। ऐसे बहुत से किडनी पेशेंट है, जिनका हाई क्रिएटिनिन लेवल होगा और डायलिसिस लेने पर मजबूर होगे। लेकिन कर्मा आयुर्वेदा आयुर्वेदिक किडनी ट्रीटमेंट प्रदान करता है। यहां डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट के बिना ..