किडनी खराब कैसे होती है | किडनी इन्फेक्शन में क्या खाना चाहिए (कारण और डाइट चार्ट)

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किडनी इंफेक्शन के कारण और डाइट चार्ट | आयुर्वेद में गुर्दे का इलाज डॉ पुनीत धवन द्वारा जब आपके पेशाब पथ की नली में बैक्टीरिया प्रवेश करते हैं और वह बढ़ने लगते हैं, तब वह इंफेक्शन किडनी तक पहुंच जाते हैं, तो आपको किडनी इंफेक्शन हो सकता है। यह कारण किडनी के इंफेक्शन का सबसे आम कारण होता है। शरीर में किसी और जगह का इंफेक्शन रक्तप्रवाह के माध्यम से आपकी किडनी तक फैल सकता है। इस तरह से किडनी का इंफेक्शन होने असामान्य है, लेकिन यह हो सकता है कि आपके कृत्रिम जोड़ या ह्रदय में वाल्व लगवाया है तो इंफेक्शन हो सकता है। एक किडनी इंफेक्शन ज्यादातर तब होता है, जब बैक्टीरिया अक्सर ई कोलाई नाम का एक प्रकार किडनी से मूत्रमार्ग में जाता हैं और मूत्राशय के माध्यम से एक या दोनों किडनी मे जाता हैं। लेकिन आयुर्वेदिक उपचार और आहार में परहेज करके आप किडनी इंफेक्शन से मुक्ति पा सकते है जैसे – इन फ्रूट्स का सेवन करें – • क्रेनबेरी • सेब • ब्लूबेरी • पाइनएप्पल इन चीजों का परहेज करें • विटामिन ए, बी, इ और के न लें • कार्बोहाइड्रेड से दूर रहें • हाई प्रोटीन का सेवन न करें • कैफीन न लें आयुर्वेदिक उपचार में सिर्फ ओर सिर्फ प्राकृतिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है और हर रोग को जड़ से खत्म करने में सफल होता है। कर्मा आयुर्वेदा अस्पताल सन् 1937 में धवन परिवार द्वारा स्थापित किया गया था और आज इसका नेतृत्व डॉ. पुनीत धवन कर रहे हैं। डॉ. पुनीत धवन

चीजें जो पहुंचाती है किडनी को नुकसान | What Cause Kidney Damage

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#Kidneydisease is a silent killer, which can inaudibly affect the quality of your life. These can be caused due to several disorders or health conditions. If this disorder does not get timely treatment, then it can turn lethal for you and your health. Once the kidney disorder transpires, you may prescribe dialysis and surgery by your doctor to keep your kidneys fit. In fact, chronic kidney disease is a major public concern, and around 14% of the total world population is facing this health disorder. Every year, this number is gradual increases, and this is happening because of the unawareness of the precautions of kidney disorder. #CKD often goes undetected until it reaches to the advance stage. It can be diagnosed easily with some imaging to lab tests that can be very helpful in slowing the progression of this disorder. However, there are several ways to protect your kidneys from being damaged. You can say that prevention is always better than cure. So you can prevent your kidneys from being further damaged by following some easy and kidney-friendly tips. In this video, you are going to see the detailed information about those healthy and kidney-friendly tips.

यूरिन से प्रोटीन निकलने के क्या कारण होते हैं? | Proteinuria Treatment In Ayurveda

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पेशाब में प्रोटीन रोकने का इलाज | Proteinuria In Hindi | Protein Leakage In Kidney | Protein Leakage In Urine | Leakage of protein in urine शरीर में होने वाली कई समस्याओं को हम यूरिन के जरीए पता लगा सकते हैं। लेकिन कई बार हम इस पर ध्यान नहीं देते हैं जिससे शरीर में गंभीर समस्याएं होने लगती है। अगर इसकी समय पर पहचान कर ली जाए, तो बीमारियों के खतरे को कम किया जा सकता है। लंबे समय तक यूरिन में झाग बने तो इस प्रॉब्लम को इग्नोर न करें। यह इंफेक्शन या किडनी से रिलेटेड प्रॉब्लम्स का संकेत हो सकता हैं। साथ ही यूरिन से प्रोटीन निकलने के कई कारण हो सकते हैं जैसे – यूरिन से प्रोटीन निकलने के तीन मुख्य कारण – • हाई ब्लड प्रेशर – हाई ब्लड प्रेशर किडनी पर दबाव डालता है, जिसकी वजह से किडनी ठीक से अपना काम नहीं कर पाती है। इस कारण किडनी को प्रोटीन को बाहर निकालने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। साथ ही नमक की मात्रा को सीमित रखें, क्योंकि नमक में सोडियम होता है, जो हाई ब्लड प्रेशर का कारण बनता है। • डायबिटीज – जब किसी रोगी का ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, तब किडनी पर प्रेशर पड़ने लगता है और किडनी की कार्यक्षमता कम हो जाती है। • किडनी की बीमारी – किडनी की किसी भी समस्या के कारण वह अपना काम ठीक से नहीं कर पाती है और उस वजह से प्रोटीन छानने के काम में दिक्कते आने लगती है। प्रोटीन लीकेज का आयुर्वेदिक उपचार

1937 का आयुर्वेदिक High Creatinine का इलाज | जाने कैसे किडनी हो सकती है जीवित

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किडनी ट्रांसप्लांट चोर से सावधान, आपकी अपनी ही किडनी हो सकती है जीवित किडनी फेल्योर के संकेत हमारे शरीर में किडनी संतुलन बनाए रखने के कई कार्यों का निष्पादन करती है। वह अपशिष्ट उत्पादों को फिल्टर करके यूरिन से बाहर निकालती है। वह शरीर में पानी की मात्रा, सोडियम, पोटेशियम और कैल्शियम की मात्रा को संतुलित करती है। किडनी अतिरिक्त अम्ल और क्षार को निकालने में मदद करती है, जिससे शरीर में एसिड और क्षार का संतुलन बना रहता। साथ ही शरीर में किडनी का मुख्य कार्य रक्त का शुद्धिकरण करना भी है। अगर बीमारी के कारण दोनों किडनी अपना सामान्य कार्य नहीं कर सके, तो किडनी की कार्य क्षमता कम हो जाती है। जिसे किडनी फेल्योर कहा जाता है। किडनी फेल्योर के संकेत: • यूरिन का कम या ज्यादा आना • यूरिन पास करते समय जलन या दर्द होना • यूरिन में रक्त आना • थकान और कमजोरी महसूस होना • चकत्ते और उल्टी आना • सांस लेने में दिक्कत होना • अधिक ठंड लगना • नींद न आना किडनी फेल्योर के समय से उसे पहचानना बेहद जरूरी होता है। इस रोग की पहचान में देरी होने पर यह घातक रूप ले लेता है। अन्य किसी भी प्रकार की समस्या से बचे रहने के लिए डॉक्टर पुनीत धवन से संपर्क करें। ऐसे बहुत से किडनी पेशेंट है, जिनका हाई क्रिएटिनिन लेवल होगा और डायलिसिस लेने पर मजबूर होगे। लेकिन कर्मा आयुर्वेदा आयुर्वेदिक किडनी ट्रीटमेंट प्रदान करता है। यहां डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट के बिना ..